ए मरीजे इस्क ये जुर्रत कहा से आ गई ।
और रूठ जाने की ये अब आदत कहाँ से आगई
कल तक तो कहता था की बिस्तर से उठा जाता नहीं ।
अब उठ गया दुनिया से ये ताकत कहाँ से आगई ।
किसी के हिस्से में मकाँ आया किसी के हिस्से में दुकाँ आई ।
में घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई ।
किस -किस तरह से न मुझको रुशवा किया गया
गेरो का नाम मेरे लहू से लिखा गया
क्यों आज उसका जिक्र मुझे खुश न कर सका
क्यों आज उसका नाम मेरा दिल दुखा गया
और रूठ जाने की ये अब आदत कहाँ से आगई
कल तक तो कहता था की बिस्तर से उठा जाता नहीं ।
अब उठ गया दुनिया से ये ताकत कहाँ से आगई ।
किसी के हिस्से में मकाँ आया किसी के हिस्से में दुकाँ आई ।
में घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई ।
किस -किस तरह से न मुझको रुशवा किया गया
गेरो का नाम मेरे लहू से लिखा गया
क्यों आज उसका जिक्र मुझे खुश न कर सका
क्यों आज उसका नाम मेरा दिल दुखा गया
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