Wednesday, 17 July 2013

साथियों , नमस्कार  जैसा कि आप जानते हे की आजकल दिल्ली  सरकार  अन्न्श्री  योजना को चला रही हे जिसमे गरीब  लोगों को बहुत ही कम दाम पर राशन उपलब्ध कराया जायेगा । जिसके लिए सरकार की  एक संस्था GRC  शहर के गरीबो को ढूंढने का काम कर रही हे पर बेचारे नाकाम हो रहे हे पूरा शहर गरीबो से भरा पड़ा हे मगर उनेह नजर नहीं आते

jinda devi

मेरे दलित भाईयों छोटे -छोटे मंदिरों की मोह माया से बाहर आकर सत्ता के सबसे बड़े मंदिर (पार्लियमेंट )पर ध्यान लगाओ और अपनी जिन्दा देवी (बहन मायावती )को जीताकर इस मंदिर में स्थापित करो तभी आपका भला होगा ।


Saturday, 13 July 2013

दिल्ली के लोग पिछले 15 साल से जिस पार्टी को गाली दे रहे हे उसी को वोट देकर जिता रहे हे तो फिर ...............कसूरवार कौन 

Friday, 12 July 2013

ब .स .पा  के संस्थापक श्री कांशीराम जी ने कहाँ था की जैसी प्रजा होती हे उसे वैसा ही राजा मिल जाता हें । और मेरा विचार हे की वो एकदम सही थे क्यू की जब जब इलेक्शन आते हे तो यही लोग जो आज सरकार को गाली देते हे उस वक्त एक दारू की बोतल ,एक साड़ी और कुछ रुपए में अपनी कीमती वोट बेकने का काम करते हे और उसके पिछले 5 साल को भूल कर (जिसमे वो कुछ नहीं करता )एक बार फिर उसीको जीताने का काम करते हे  में पूछता हूँ की जब लोग थोड़े से लालच में आकर अपना कीमती वोट बेकने का काम करेगे तो फिर जितने वाला क्यू उनके लिए काम करेगा 

Tuesday, 9 July 2013

साल में इक बार आता है
आते ही मुझसे कहता है
       "कैसे हो
              अच्छे तो हो -
लाओ इस बात पे केक खिलाओ
रात के खाने में क्या है
और कहो क्या चलता हे "
फिर इधर -उधर की बाते करता है
फिर घडी देखकर कहता है
     "अच्छा तो मै जाता हूँ
         प्यारे अब में
एक साल के बाद आऊँगा
केक बना के रखना "
और चला जाता है !
उस से मिलकर
थोड़ी देर मजा आता है !
लेकिन फिर में सोचता हूँ
खास मजा तो तब आयेगा
जब वो आकर
मुझको ढूंढता रह जायेगा !!
                                    साभार -चौथा आसमान 

Monday, 8 July 2013

जिस्म कागज का जान कागज की
जिन्दंगी दास्तान कागज की ।
उनका धंदा दियासलाई का
और अपनी दुकान कागज की ।