Tuesday, 9 July 2013

साल में इक बार आता है
आते ही मुझसे कहता है
       "कैसे हो
              अच्छे तो हो -
लाओ इस बात पे केक खिलाओ
रात के खाने में क्या है
और कहो क्या चलता हे "
फिर इधर -उधर की बाते करता है
फिर घडी देखकर कहता है
     "अच्छा तो मै जाता हूँ
         प्यारे अब में
एक साल के बाद आऊँगा
केक बना के रखना "
और चला जाता है !
उस से मिलकर
थोड़ी देर मजा आता है !
लेकिन फिर में सोचता हूँ
खास मजा तो तब आयेगा
जब वो आकर
मुझको ढूंढता रह जायेगा !!
                                    साभार -चौथा आसमान 

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